Monday, January 21, 2013

जयपुर में सोनिया गांधी ने क्या कहा


शेष नारायण सिंह 

जयपुर २० जनवरी. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बात पर चिंता जताई कि राजनीतिक प्रक्रिया से आम  आदमी का मोहभंग हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं पर कीचड उछाला जाना ठीक नहीं है लेकिन इसके  लिए ज़रूरी है कि   राजनीतिक बिरादरी के लोग इस  मोहभंग के कारणों को समझें और अपने आचरण से उसे दूर करें .उन्होंने अपने  पार्टीजनों से आग्रह कियाकि इस बात को बहुत गंभीरता से लें . अपना आधा  भाषण सोनिया गांधी ने अंग्रेज़ी में पढ़ा और बाकी हिंदी में.  दिल्ली में हाल ही में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना से वे विचलित नज़र आयीं और कहा कि इस घटना के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा  है और महिलाओं की सुरक्षा की बात जोरदार ढंग से उठी है। उन्होंने कहा कि लोग इस घटना का जवाब और कार्रवाई मांग रहे हैं, जो बिलकुल जायज़ और सही है।इस हादसे में मारी गयी लड़की की बहादुरी की उन्होंने तारीफ की और कहा कि उसने एक तरह से अपना बलिदान देकर  महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया है। यह  देखना होगा कि उसका बलिदान व्यर्थ न जाने पाए .

कांग्रेस अध्यक्ष ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस महासमिति की बैठक के अपने भाषण में राजनीतिक प्रक्रिया से मोहभंग को दूर करने और लोगों का भरोसा लौटाने के लिए चुनाव सुधारों पर विचार  को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात की .उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों के लिए एक  समयबद्ध कार्यक्रम बनाए जाने की जरूरत है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी में एक समूह का गठन करने का ऐलान किया, जो  सभी सुझावों पर विचार करेगा और जल्द ही अपनी सिफारिशें देगा।उन्होंने कांग्रेसियों को चेताया कि लोकसभा के चुनाव में सिर्फ 15 महीने रह गए हैं और उसमें सफल होने के  लिए एकता  और अनुशासन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि अगले 15 महीनों में लोकसभा के अलावा कई राज्यों में भी चुनाव होने हैं .सोनिया गांधी ने विश्वास जताया कि अगर एकता और आनुशासन बना रहा तो चुनाव  जीतना बहुत मुश्किल नहीं होगा .

सोनिया गांधी ने कहा कि  कार्यकर्ताओं को नेताओं से केवल एक ही उम्मीद है और वह है एकता और अनुशासन। यह ज़रूरी  है क्योंकि चुनाव इसी के सहारे जीता जा सकता है .र खरा उतरना होगा, क्योंकि पार्टी की विजय ही हम सब की विजय है। पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा, यह पार्टी ही है, जिसने उन्हें यह पद प्रदान किए हैं और अब यह उनका दायित्व है कि वे अपना दायरा विकसित करें और अपना सहयोग केवल अपने चहेतों तक ही सीमित न रखें, बल्कि सभी कार्यकर्ताओं को दें।

बीजेपी का नाम लिए बिना सोनिया गांधी ने कहा कि हम उन सभी विचारधाराओं और ताकतों का हमेशा मुकाबला करेंगे, जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, जो हमारे समाज का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं और जो हमें विभाजित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेली कांग्रेस पार्टी भारत की एकता और अखंडता का मुख्य प्रतीक है। हम न सिर्फ भारत, बल्कि हम भारत के भावनात्मक एकता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ये सभी स्तरों पर गहरे तक पैठ बना चुका है और इससे सभी वर्ग और आम समाज प्रभावित हो रहा है। एक पार्टी के रूप में हमें इसके खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़नी है।

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